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UP Basic Teacher News: यूपी में 6 लाख शिक्षकों के लिए सरकार का नया फरमान बढ़ गईं मुसीबतें

UP Basic Teacher News: उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालय को डिजिटल एक्टिव बनाने के लिए सरकार द्वारा अपनी इस मुहिम को आगे बढ़ाया गया है इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के सभी राजिस्टर्स को डिजिटल करने के आदेश के साथ सभी शिक्षकों की ऑनलाइन अटेंडेंस लागू करने के लिए आदेश जारी किया गया है।

इसके साथ-साथ शिक्षकों और छात्रों की उपस्थिति भी डिजिटल मार्क किए जाने के निर्देश सरकार द्वारा दिए गए हैं इसके लिए विभागीय आदेश भी जारी कर दिया गया है इसके अंतर्गत छात्रों और शिक्षकों को भी टैबलेट पर फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से अटेंडेंस लगानी होगी पूरे प्रदेश में 15 जुलाई से प्रक्रिया शुरू हो जाएगी इसके लिए सरकार द्वारा नए आदेश जारी कर दिए गए हैं और इसके लिए सभी स्कूलों को टैबलेट और सिम भी उपलब्ध कराए गए हैं।Up teacher news

UP Primary Teacher News Update

महानिदेशक द्वारा सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं जारी किए गए निर्देश के अनुसार अब सभी विद्यालयों में रजिस्टर को डिजिटल किया जाएगा स्कूलों में अटेंडेंस के साथ-साथ अन्य सभी कार्य भी डिजिटल रूप में किए जाएंगे इसके लिए प्रेरणा पोर्टल पर डिजिटल राजिटर्स नाम से एक नया मॉड्यूल विकसित किया गया है इन सभी कार्यों के लिए विभाग द्वारा टैबलेट और सिम उपलब्ध कराए गए हैं।

विद्यालय में अब सभी अध्यापकों और कार्मिकों को अब रोजाना अपनी उपस्थिति डिजिटल रूप में देनी होगी इसमें विद्यालय आने के बाद और विद्यालय जाने तक का समय अंकित किया जाएगा दिन में दो बार डिजिटल अटेंडेंस देनी होगी। अगर अध्यापक निर्धारित समय सीमा के बाद स्कूल पहुंचते हैं तो उनके अटेंडेंस मान्य नहीं की जाएगी सभी विद्यालयों में समस्त अध्यापकों कार्मिकों द्वारा प्रेरणा पोर्टल पर दर्ज कराए गए अपने मोबाइल नंबर स्मार्टफोन से अपनी उपस्थिति प्रतिदिन अंकित की जाएगी इसके बाद प्रधानाध्यापक द्वारा उपस्थिति प्रमाणित की जाएगी टैबलेट स्मार्टफोन की जिओ फेसिंग के माध्यम से पहचान की जाएगी और पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करते समय अध्यापक को प्रधानाध्यापक को विद्यालय में उपस्थित रहना जरूरी होगा तभी शिक्षक की अटेंडेंस लग सकेगी।

प्राथमिक विद्यालयों के छात्रों का पूरा उत्तर होगा डिजिटल

इसी तरह कक्षा बार छात्रों की भी प्रतिदिन हाजिरी लगाई जाएगी छात्रों के लिए उपस्थित का समय भी निर्धारित किया गया है 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 8:00 बजे से 9:00 तक और 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक सुबह 9:00 बजे से 10:00 तक छात्रों की उपस्थिति लगा सकते हैं।

परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों विद्यार्थियों की बायोमेट्रिक हाजिरी

परिषदीय विद्यालय में भी शिक्षक को विद्यार्थियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने की प्रक्रिया लागू करने पर भी विचार चल रहा है इसके लिए प्राथमिक विद्यालय में बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएगी शासन स्तर से बायोमेट्रिक बस्ती दर्ज करने की योजना शुरू की गई है।

शिक्षकों की बढ़ेगी मुसीबतें

डिजिटली अटेंडेंस लागू होने के बाद शिक्षकों की मुसीबतें काफी बढ़ने वाली हैं क्योंकि काफी संख्या में ऐसे विद्यालय हैं जो दूर दराज इलाकों में है और उन तक पहुंचाने का रास्ता काफी दुर्गम है शिक्षकों को काफी लंबा सफर तय करके विद्यालय तक पहुंचना होता है और रास्ते में भी जाम से लेकर अनेक प्रकार की समस्याएं अचानक से आ जाने पर अटेंडेंस लॉक नहीं हो पाएगी और उन्हें अनुपस्थित माना जाएगा ऐसे में सभी शिक्षकों के लिए डिजिटली अटेंडेंस काफी दिक्कत करने बाली साबित हो सकती है।

शिक्षक क्यों कर रहे ऑनलाइन अटेंडेंस का विरोध

शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति के दौरान फोटो अपलोड करना सरासर गलत बता रहे हैं शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की डिजिटल माध्यम से एक निश्चित अवधि में उपस्थिति को दर्ज करना किसी भी ढंग से ठीक नहीं है की आने वाले शिक्षकों को हमेशा ओलावृष्टि, आंधी तूफान, मार्ग बाधित, धार्मिक व राजनीतिक जुलूस, कावड़ यात्रा, स्लो ट्रैफिक जैसी महत्वपूर्ण कारणों से स्कूल पहुंचने में देरी हो जाती है ऐसे में शिक्षकों को दोषी ठहरना ठीक नहीं होगा शिक्षक संगठनों का कहना है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के लिए हुई है और गैर शैक्षिणक कार्य आरटीई 2009 के अनुरूप नहीं है।

15 जुलाई से लगेगी ऑनलाइन उपस्तिथि

प्रदेश भर में 15 जुलाई से ऑनलाइन उपस्थिति शुरू हो जाएगी इसके लिए अध्यापकों के प्रवेश और प्रस्थान के समय के बारे में भी जानकारी दी गई है मोबाइल टैबलेट को जिओ फेसिंग के माध्यम से पहचाना जाएगा और पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज करते समय अध्यापक या प्रधानाध्यापक को विद्यालय परिसर में उपस्थित रहना जरूरी होगा विद्यालय में कार्यरत समस्त शिक्षकों और स्टाफ की उपस्थिति का ऑनलाइन प्रमाणीकरण प्रधानाध्यापक द्वारा देना होगा।

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18 thoughts on “UP Basic Teacher News: यूपी में 6 लाख शिक्षकों के लिए सरकार का नया फरमान बढ़ गईं मुसीबतें”

  1. एक साथ जब सारे अध्यापक अपनी हाजिरी लगायेगे तो सर्वर काम नही करेगा और वह अनुपस्थित माना जाएगा बारिश का महीना होता है बच्चे देर से पहुंचते हैं अध्यापक को भी देर हो जाती है उसका जिम्मेदार कौन होगा और जो लोग ज्ञान दे रहे हैं की सरकार पैसा देती है तो नियमों का पालन करें और सही समय पर विद्यालय जाएं तो वह लोग भी प्राइवेट जॉब करते होंगे वह भी कभी-कभी देर से पहुंचने होंगे अपनी संस्थानों पर अब यूपी में प्राइमरी विद्यालयों में पढ़ाई नहीं सिर्फ और सिर्फ खाना पूर्ति हो रही है उसका जिम्मेदार अध्यापक नहीं है सरकार है क्योंकि अध्यापकों से इतने सारे बाहरी कम लिए जाते हैं कि वह विद्यालय में पढ़ा ही नहीं पाता सप्ताह में 7 दिन होते हैं इनमें से आधे दिन उसकी बीआरसी पर मीटिंग चलती है उनमें से दिन एक-दो दिन गांव में कहीं बीएलओ ड्यूटी लगती है कहीं जनगणना में ड्यूटी लगती है कहीं जिला पर ड्यूटी लगती है कहीं कोई मीटिंग कहीं संकुल मीटिंग कहीं किसी स्कूल में मीटिंग बस यही होता है एक अध्यापक का काम होता है पढ़ाना लेकिन अब उससे पढ़ाई नही फालतू के काम लिए जाते हैं बच्चे स्कूल नहीं आते हैं तो वह गांव बच्चों को लेने जाए बुलाने जाए बच्चों के बैंक के काम कराए उत्तर प्रदेश में प्राइमरी विद्यालयों और जूनियर विद्यालयों का शिक्षा स्तर इसीलिए गिर गया है

  2. बहुत सही किया महाराज जी ने तमाम तो ऐसे स्कूल हैं जहां पर शिक्षक पांच हैं और विद्यार्थी केवल चार सरकारी नौकरी करनी है तो सरकार के नियमों पर चलना होगा ना कि अपने घर के नियमों पर और ऐसा कोई शिक्षक नहीं है जो 50 किलोमीटर दूर से चलकर आता हो जो है वह भी स्कूल से 5-10 किलोमीटर की दूरी पर रूम ले रखा है पढ़ाई का यह आलम है स्कूलों के छात्रों को यह भी नहीं पता है कि वे किस क्लास में पढ़ रहे हैं

  3. शिक्षक देश का भविष्य होते हैं शिक्षकों को अपना काम बाकायदा नियमित रूप से करना चाहिए

  4. It’s a very good initiative by the govt, rather it should have been done much earlier. In pvt schools a teacher with 20k salary puts his best to achieve results whereas govt teachers with 1lac+ salary have no targets and results to show.
    A govt teacher doesn’t mean that the school should be next to their house and it’s their responsibility to be in time in school / their workplace. Education had been at least priority in up till now.
    Nokari karni hai to Nakhra nahi chalega.

  5. Vyavharik Karya karna chahiye Khud k liye pehle FACE RECOGNITION system lagwaye Sirf 87 kaamo wala TEACHER hi kyo??

  6. YEH SHURUAAT SARKARI OFFICES D.M,POLICE,COURT,BIJLI VIBHAG,BSNL,NAGARNIGAM SE HONI CHAHIA.HINDUSTAN ME SABSE POOR NETT HAI.BSNL OFFICE KOI NAHI MILTA.HINDUSTAN ME ROADS TUTI HAIN,JAAM HAI,ESE ME TIME PER PAHUNCHNA KESE POSSIBLE HOGA.TEACHER POLIO,JAJGANNA,HOUSE HOLD SERVEY,ELECTION,ME BHI DUTY KERTA HAI KOI RISHWAT NAHI LETA.ISSE BJP KO ELECTION ME NUKSAN HOGA.PEHLE HI TEACHER AKROSH SE U.P ME VOTE NAHI MILE.SONE PER SUHAGA.

  7. जिनको ये आदेश अच्छा लग रहा है न वो या तो सरकारी नौकरी नहीं करते या पास के ही ऑफिस में करते हैं। जब 50 किमी दूर धूप और बारिश में जाना पड़े तब समझ में आए।
    और जिसको मन से पढ़ाना है वो आधा घंटा लेट होकर भी पढ़ा लेगा और जिसको नही पढ़ाना है वो जल्दी पहुंच कर भी नहीं पढ़ाएगा ।

  8. सरकार ने उपस्थिति की अवधि एक घंटा रखी है जोबकी शिक्षकों को राहत देने वाला कदम है।

  9. इसी पैसे से अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में पढ़ा रहे हो l सरकार हमको वेतन दे रहीं हैं तो इमानदारी से नौकरी करो l

  10. घर से समय से पहेले चलो ताकि विधालय पहुच सके, नौकरी करना है तो आदत डालों l

  11. सरकार! हा हा हा हा! शिक्षा का स्तर गिरता जा रहा है। आदेश पर आदेश जारी किया जा रहा है। डिजिटल के नाम पर शिक्षा का अपहरण ही नहीं, अपशब्दों में कहा जाए तो शिक्षा का …. हो रहा है। जितना शिक्षक के पास ज्ञान है उतना ही यदि शिक्षार्थियों को मिल जाता तो शायद, पाज़िटिव रिपोर्ट मिलती। परन्तु नये नये सिलैबस, नये नये आदेश से शिक्षकों की केवल उपेक्षा ही हो रही है। शिक्षा का स्तर निरंतर गिरता ही जा रहा है। वहीं प्राइवेट का स्तर निरंतर ऊंचा होता जा रहा है। वहां वर्ष भर में एक आदेश भी पारित नहीं किए जाते। धन्य है आज की सरकार। धन्य है आज के शिक्षित परामर्श दाता।

  12. Room lekar rahe 50 km se aane ki jarurat kya hai salary nahi milti jo paisa aane jane me kharch hoga usse kam paise me rent par room mil jayega.

  13. Good job Yogi government. Even although teacher is more responsible job, because government teachers very lezyness is going on ab malumpadega ki job kese kehte h..

  14. पहले प्रयास तो कीजिए पहले ही बहाना बना लिए अगर आप 2 मिनट लेट होंगे तो उसका भी समाधान निकाला जाएगा। वेतन स्कूल के बच्चो को पढ़ाने के लिए दिया जाता है लेट होने के लिए नही।

  15. जिस विद्यालय में 50से कम छात्र हैं ऐसे विद्यालय को बंद कर दिया जाना चाहिए

  16. दूर दराज इलाकों में विशेष कर गांव में इंटरनेट बहुत मुश्किल से आता है। ऐसे में कोई भी ऑनलाइन कार्य करना बहुत कठिन होगा है।

  17. अगर सर्वर डाउन है तो टीचर एब्सेंट माने जायेंगे

  18. सरकार इन स्कूलों को बंद करने पर तुली है। वैसे भी सरकार की सभी योजनाएं बेसिर पैर वाले होती हैं। वास्तविकता में अनभिज्ञ हैं, कोई शिक्षक 50किमी से आया,और वो 2-4 मिनट देर हो गया तो अनुपस्थित माना जाएगा, अब वो स्कूल रहेगा या वापसी घर जाएगा??☹️😳 कुछ प्रश्न अनुत्तरित हैं 🤔☹️

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